शब्दकोशिश®

समकालीन भाषा प्रौद्योगिकी

शब्दकोशिश का तबब (तब से अब = तबब)
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शब्दकोशिश की शुरुआत कई साल पहले हुई, जब हिन्दी भाषा के प्रति समकालीन सोच रखने वाले, नई दिल्ली के  औशिम घोष ने, शब्दकोशिशप्रणाली का आविष्कार कर, उस पर अधिकार पंजीकॄत करे। शब्दकोशिश की अनूठी प्रणाली में, सर्व मात्रा चिह्न और सर्व आधे अक्षर चिह्नों का प्रयोग किया गया है, जिस से कइ भारतीय व ऐशियाई भाषाओं में विभिन्न समकालीन शब्द-खेलों की रचना सम्भव हुई।

आज से लगभग, एक दशक पहले औशिम घोष को एक मित्र द्वारा, शब्दकोशिश डिजिटल शब्दखेल का पहला प्रोग्रामिंग कोड प्राप्त हुआ। उसी समय, उन्होंने अपने निजी सहायकों की मदद से शब्दकोशिश तख्त़ हिन्दी शब्दखेल का पहला नमूना, लकड़ी की गोटियों के साथ बनाया। अब वे इस प्रयास में थे, कि शब्दकोशिश हिन्दी ऑनलाइन शब्द खेल व शब्दकोशिश तख्त़ खेल को प्रस्तुत करने का इरादा, कैसे साकार किया जाये?     

तब से अब तक, कई सारे, सरकारी शिक्षा अधिकारियों से लेकर प्रोग्रामर व डिज़ाईनरों तक, मिले और बिछड़े, और शब्दकोशिश के विकास-यात्रा की गति, धीमी ही रही। फिर भी, औशिम हताश नही हुए, और धैर्य से, एक आशावादी दृष्टिकोण बनाए हुए, शब्दकोशिश खेल को डिजिटल व एनालॉग रूप देने में प्रयासरत रहे। अंतत: जुलाई २०१२ तक , औशिम घोष के नये सहभागी विनोद कुमार सैनी, और कुछ प्रोग्रामर, डिज़ाईनर व सहयोगियों की मदद से, दो इरादे साकार हुए। एक वेबसाइट - www.hindi.shabdkoshish.com - का सफलता से निर्माण हुआ। इस वेबसाइट में, शब्दकोशिश हिन्दी ऑनलाइन शब्द खेल उपलब्ध होने के अलावा, कई सारे, हिन्दी में समकालीन चर्चा व जानकारी के लिंक हैं। दूसरा, शब्दकोशिश तख्त़ - हिन्दी शब्दखेल के, पूर्ण रूप से तैयार, १०० नमूनों का निर्माण व वितरण हुआ। 

यहाँ, विनोद सैनी के बारे में कुछ बातें कहना ज़रूरी है। एक साल पहले, जब से वह औशिम घोष के साथ भागीदार बने, विनोद ने प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत के साथ शब्दकोशिश के लिए अतुल्नीय योगदान दिया। चाहे, शब्दकोशिश के नियमों और अन्य विभिन्न लेखों को टंकण की मदद से लिखना, ऑनलाइन और एनालॉग खेलों की रचना, या फिर खेल की प्लास्टिक गोटियों को ढालना और मुद्रित करवाना, विनोद शब्दकोशिश के एक मुख्य साथी के रूप में उभर कर सामने आये हैं।

हम अपने वेबसाइट www.shabdkoshish.com  द्वारा, हिन्दी का ही नही, दक्षिण एशियाई भाषाओं का भी प्रतिनिधित्व व प्रचार करने का प्रयास करेगें, जिससे उनमें समकालीन अभिव्यक्ति व प्रयोग को बढ़ावा मिले। साथ ही, हिन्दी भाषा में रुचि बढ़ाने के लिए, शब्दकोशिश तख्त़ - हिन्दी शब्दखेल को, विभिन्न विद्यालयों व संस्थाओं में पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

आशा है कि आप हमारी शब्दकोशिश की कोशिश को सराहेंगे, और हमारी राज्यभाषाओं को आधुनिक व समकालीन दिशाओं की और उन्नत करने में सहभाजी बनेंगे।

 

मुख्य आभार : * अरुण व तृप्ता घोष * अमिय कुमार * अश्वनी त्यागी * मंगेश ढौंडियाल

* सुदर्शन बंसल * अलोक सिंह * विनोद कुमार सैनी * नितिन चतुर्वेदी * रौशनलालजी

* सतीशजी व जतिन * अशोकजी व प्रशांत* बद्र आलमजी व इमरान

प्रदीप कुमार सिंह * मुकुल सैनी * अनु थ्रेजा * रिचा कटिआर व अजय गड़कल, पी.आर. ग्रिड

व कई सारे दयालु मित्र व मददगार

शब्दकोशिश® प्रणाली पर आधारित
ईमेल: jaankari-AT-shabdkoshish.com
प्रस्तुतकर्ता :

समयंत्र प्राइवेट लिमिटेड

ओखला, नई दिल्ली, भारत

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